CBSE 12th Result 2017: बोर्ड ने जारी किए 12वीं के नतीजे, cbseresults.nic.in या cbse.nic.in पर करें चेक

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं क्लास के तीनों संकाय साइंस, कॉमर्स और ऑर्ट्स के रिजल्ट जारी कर दिए हैं. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट सीबीएसई की ऑफिशयल वेबसाइट Cbseresults.nic.in और Cbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं. बोर्ड ने अपने सभी 10 क्षेत्रों के परिणामों की घोषणा एक साथ की है.

मार्च-अप्रैल में आयोजित हुए थे एग्जाम
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस साल 12वीं के परीक्षाओं का आयोजन 9 मार्च से 29 अप्रैल के बीच किया था. जिसमें 10,98,891 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. जो वर्ष 2016 की तुलना में 2.82 प्रतिशत अधिक है. 

इंटरनेट पर यूं चेक करें अपना रिजल्ट
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑफिशियल वेबसाइट http://cbseresults.nic.in या Cbse.nic.in पर जाएं.
- इसके बाद Senior School Certificate Examination (Class XII ) 2017 पर क्लिक करें.
- इसके बाद नए पेज पर तीन बॉक्स में अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और सेंटर नंबर डालकर सब्मिट करें. 
- आपका रिजल्ट आपके सामने होगा.
- भविष्य के इस्तेमाल के लिए आप अपने रिजल्ट का प्रिंट आउट लेकर जरूर रख लें.

ईमेल से भी पा सकते हैं रिजल्ट
स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट ऑनलाइन के अलावा ईमेल के जरिए भी पा सकते हैं. इसके लिए स्टूडेंट्स को results.nic.in, cbseresults.nic.in और cbse.nic.in पर अपने ईमेल आईडी के साथ रजिस्टर्ड करना होगा. इसके अलावा स्कूल भी ईमेल के जरिए अपने स्कूल के सभी स्टूडेंट्स का रिजल्ट पा सकते हैं.

कॉल करके भी पता कर सकते हैं रिजल्ट
सीबीएसई के 12वीं के स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट कॉल करके आईवीआर के जरिए भी जान सकते हैं. बोर्ड राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी), सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की सहायता से आईवीआरएस के माध्यम से रिजल्ट का प्रसार कर रहा है. स्टूडेंट्स 011-24300699 और 011-28127030 पर कॉल कर निर्देशों का पालन करते हुए अपने कक्षा 12 परिणाम प्राप्त कर सकते हैं.

छात्रों को मिलेगी डिजिटल मार्कशीट की सुविधा
इस बार सीबीएसई भी 12वीं के छात्रों को डिजिटल मार्क्सशीट की सुविधा देगा। डिजिलॉकर की सुविधा के लिए छात्रों को डिजिलॉकर अकाउंट डिटेल्स सीबीएसई में रजिस्टर्ड छात्रों को मोबाइल और एसएमएस के जरिए दी जाएगी। 12वीं का रिजल्ट आईवीआर के जरिए भी उपलब्ध होगा। इसके अलावा सीबीएसई स्कूलों को भी रिजल्ट ईमेल करता है। इसलिए स्टूडेंट्स अपने स्कूल जाकर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

इस साल रिजल्ट में हुई देरी
पहले पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण एग्जाम में देरी हुई, इस कारण रिजल्ट में देरी हुई. इसके बाद मॉडरेशन पॉलिसी पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद रिजल्ट में देर से जारी किया गया. पहले यह 24 मई को जारी किया जाना था.

क्या था दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बोर्ड ने मॉडरेशन पॉलिसी कायम रखने का फैसला किया. इस नीति को बोर्ड ने पिछले महीने समाप्त कर दिया गया था. मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई को मुश्किल प्रश्नों के लिए ग्रेस मार्क्स देने संबंधी अपनी मॉडरेशन पॉलिसी सत्र 2016-17 के लिए जारी रखने का अंतरिम आदेश दिया था. इस पॉलिसी को खत्म करने के लिए हाल ही में सीबीएसई ने नोटिफिकेशन जारी किया था जिसे कुछ अभिभावकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 

क्या है सीबीएसई की मॉडरेशन पॉलिसी 
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तीन सेट के प्रश्नपत्रों के जरिए लेता है. अगर किसी विषय के तीन सेट के लिए कठिनाई का स्तर अलग-अलग हो तो बोर्ड इसमें एकरूपता लाने के लिए इसे मॉडरेट करता है. यही मॉडरेशन पॉलिसी है. इस पॉलिसी के तहत जब बारहवीं में पेपर कठिन आता है तो स्टूडेंट्स आपत्ति जताते हैं, और उन्हें ऐसे सवालों के पूरे अंक दिए जाते हैं. यह फुल मार्क्स उन स्टूडेंट्स को दिए जाते हैं, जिन्होंने कॉपी में सवाल को थोड़ा भी हल करने की कोशिश की थी. पेपर में प्रश्न गलत आने पर भी मॉडरेशन पॉलिसी को फॉलो किया जाता है. इसके तहत उस सवाल के पूरे अंक दिए जाते हैं.

सीबीएसई ने क्‍यों खत्‍म की थी मॉडरेशन पॉलिसी
स्टूडेंट्स को मॉडरेशन पॉलिसी की वजह से लगभग 8 से 10 अंक तक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने इस तरह का फैसला लिया था. पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सीबीएसई ने एमएचआरडी को रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए.

2016 में 83.05 प्रतिशत रहा था रिजल्ट
2016 में कुल पास प्रतिशत 83.05 प्रतिशत रहा था. लड़कियों ने परंपरा को कायम रखते हुए 88.58% के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया था. लड़कों का पास प्रतिशत 78. 85% रहा था. क्षेत्र के लिहाज से देखा जाए तो दक्षिण भारत ने अच्छे नतीजे दिए जहां तिरूवनंतपुरम क्षेत्र का पास प्रतिशत 97.61% रहा था.

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